যে খাবার খেলে
Monday, August 31, 2015
यहां पत्नीt शादी के बाद बनाती है अवैध संबंध!
एक शादीशुदा महिला का अपने पति के अलावा किसी गैर मर्द से
शारीरिक संबंध बना हमारे समाज में पाप माना जाता है। यही बात विवाहित पुरुषों पर
भी लागू होती है। लेकिन एक समाज ऐसा भी है, जहां लड़की शादी के बाद भी अपनी मर्जी से पति के अलावा भी
दूसरे पुरुष के साथ सेक्स का लुत्फ उठा सकती है।
इस समाज में पुरुषों को भी शादी के बाद दूसरी महिला के साथ
सेक्स संबंध बनाने की छूट है। हम बात कर रहे हैं पश्चिमोत्तर नामीबिया के
काओकोलैंड में निवासरत चरवाहे की एक जनजाति हिम्बा की।
हालांकि ऐसा नहीं है कि यहां के लोगों का शादी जैसी पवित्र
संस्था में विश्वास नहीं है, हिम्बा संस्कृति में शादी का महत्वपूर्ण स्थान है। लेकिन
हिम्बा जनजाति एक से अधिक यानि बहुविवाह को बढ़ावा देती है।
हिम्बा महिलाएं शादी के बाद भी एक से ज्यादा पुरुषों के साथ
सेक्स संबंध बना सकती हैं। सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि जनजाति के पुरुषों पर भी यह नियम लागू
होता है। यहां शादीशुदा और कुंवारी लड़कियों के बाल बनाने के तरीके बिलकुल अलग-अलग
हैं। इस वीडियो को देखें.........
कुछ दूसरे आदिवासी समाज की तरह हिम्बा के लोग भी गाय पर
निर्भर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, समूह में अगर किसी के पास गाय नहीं, तो उसे सम्मान की
नजरों से नहीं देखा जाता है।
उधर आर्थिक मामले की बात करें तो हिम्बा जनजाति में परिवार
का मुखिया पुरुष ही क्यों न हो, लेकिन आर्थिक फैसले लेने का हक सिर्फ महिलाओं को ही है।
दुनिया के विभिन्न इलाकों में बसे आदिवासियों के अपने नियम-कायदे हैं।
Sunday, August 30, 2015
यहां पत्नीt शादी के बाद बनाती है अवैध संबंध!
एक शादीशुदा महिला का अपने पति के अलावा किसी गैर मर्द से
शारीरिक संबंध बना हमारे समाज में पाप माना जाता है। यही बात विवाहित पुरुषों पर
भी लागू होती है। लेकिन एक समाज ऐसा भी है, जहां लड़की शादी के बाद भी अपनी मर्जी से पति के अलावा भी
दूसरे पुरुष के साथ सेक्स का लुत्फ उठा सकती है।
इस समाज में पुरुषों को भी शादी के बाद दूसरी महिला के साथ
सेक्स संबंध बनाने की छूट है। हम बात कर रहे हैं पश्चिमोत्तर नामीबिया के
काओकोलैंड में निवासरत चरवाहे की एक जनजाति हिम्बा की।
हालांकि ऐसा नहीं है कि यहां के लोगों का शादी जैसी पवित्र
संस्था में विश्वास नहीं है, हिम्बा संस्कृति में शादी का महत्वपूर्ण स्थान है। लेकिन
हिम्बा जनजाति एक से अधिक यानि बहुविवाह को बढ़ावा देती है।
हिम्बा महिलाएं शादी के बाद भी एक से ज्यादा पुरुषों के साथ
सेक्स संबंध बना सकती हैं। सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि जनजाति के पुरुषों पर भी यह नियम लागू
होता है। यहां शादीशुदा और कुंवारी लड़कियों के बाल बनाने के तरीके बिलकुल अलग-अलग
हैं। इस वीडियो को देखें.........
कुछ दूसरे आदिवासी समाज की तरह हिम्बा के लोग भी गाय पर
निर्भर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, समूह में अगर किसी के पास गाय नहीं, तो उसे सम्मान की
नजरों से नहीं देखा जाता है।
उधर आर्थिक मामले की बात करें तो हिम्बा जनजाति में परिवार
का मुखिया पुरुष ही क्यों न हो, लेकिन आर्थिक फैसले लेने का हक सिर्फ महिलाओं को ही है।
दुनिया के विभिन्न इलाकों में बसे आदिवासियों के अपने नियम-कायदे हैं।
सेक्स. से कैसी शर्म...!
सेक्स हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, इस बात को नकारा
नहीं जा सकता। इस बात की तस्दीक मनोवैज्ञानिक भी कर चुके हैं। देखा गया है कि
सेक्स की इच्छा को छुपाने या दबाने की जितनी कोशिश की जाती है, यह उतनी ही
तीव्रता से बलवती होती है। इसलिए सेक्स से कैसी शर्म...!
दरअसल, सेक्स से कई भ्रांतियां जुड़ी हुई हैं, इसीलिए अगर एक
स्वाभाविक जरूरत की तरह कोई लड़की इसकी मांग करे, तो भी शर्म की बात मानी जाती है। इसके अलावा
सेक्स संबंधों को लेकर लड़कियों के मन में यह बात डाल दी जाती है कि इसके लिए उनका
शरीर सुंदर और अनुपात में होना चाहिए। ऐसे में जब तक वे युवा होती हैं समझ चुकी
होती हैं कि उनका शरीर कैसा लगना चाहिए और जब उनका शरीर उससे मेल नहीं खाता, तो उन्हें
शर्मिंदगी का एहसास होने लगता है।इस वीडियो को देखें..............
क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक
उधर मनोवैज्ञानिक का कहना है कि सेक्स के प्रति शर्म
पति-पत्नी के बीच दूरियों की सबसे बढी वजह है। पत्नी कभी खुले मन से पति के निकट
जा नहीं पाती। फिर वे संबंध या तो मात्र औपचारिकता बन कर रह जाते हैं या मजबूरी, उनमें संतुष्टि
का अभाव होता है। यह शर्म ना सिर्फ औरत को यौन आनंद से वंचित रखती है, वरन प्यार, सामीप्य व
साहचार्य से भी दूर कर देती है।
इच्छाएं न छिपाएं...
यह सत्य है कि भारतीय समाज में महिलाओं की यौन इच्छा को
महत्व नहीं दिया जाता है। वे सेक्स को आनंद या जरूरत मानने के बजाय उसे विवाह की
अनिवार्यता व बच्चे पैदा करने का जरिया मान कर या तो एक दिनचर्या की तरह निभाती
हैं या फिर संकोच के चलते पति से दूर भागती हैं। उनकी रोमांस से जुडी शर्म की सबसे
बढ़ी वजह यही है कि बचपन से उन्हें बताया जाता है कि रोमांस एक वर्जित विषय है।
इसके बारे में उन्हें बात नहीं करनी चाहिए। ऐसे में शादी के बाद रोमांस के लिए पहल
करने की बात तो कोई लड़की सोच भी नहीं पाती। इसकी वजह वे सामाजिक स्थितियां भी हैं, जो लड़कियों की
परवरिश के दौरान यह बताती हैं कि रोमांस उनके लिए नहीं वरन पुरुष के एंज्वॉय करने
की चीज है, जबकि
संतुष्टिदायक संबंध तभी बन सकते हैं, जब पति-पत्नी दोनों की इसमें सक्रिय भागीदारी हो और वे
बेहिचक अपनी बात एक-दूसरे से कहें।
न करें शर्म
सेक्स का शर्म से कोई वास्ता नहीं है, क्योंकि
यह न तो कोई गंदी क्रिया है न ही पति-पत्नी के बीच वर्जित चीज। बेहतर होगा कि आप
दोनों ही सहज मन से अपने पार्टनर को अपनाते हुए सेक्स संबंधों का आनंद उठाए। इसे
वैवाहिक जीवन में तो मुधरता बनी ही रहेगी, साथ ही किसी तरह की कुंठा भी मन में नहीं पनपेगी
एक अकेली लड़की बलात्कार कक्षा कक्ष
दो लोगों ने एक अकेली लड़की बलात्कार कक्षा कक्ष।इस वीडियो को क्लिक करें डाउनलोड देखने के लिए ..........
एक अकेली लड़की बलात्कार कक्षा कक्ष
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फिल्म बनाने के बहाने स्कूली छात्रा को रुम बुलाकर
फिल्म बनाने के बहाने स्कूली छात्रा को रुम बुलाकर 2 घटे की ताबङतोङ चुदाइ यहा क्लिक कर विडियो डाउनलोड करे
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Saturday, August 29, 2015
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे तीव्र छूत कामोत्ताप और clit कामोत्ताप एक लड़की उंगली और को देने के लिए।इस वीडियो को देखें.........
Friday, August 28, 2015
जवान Jismo का गंदा खेल !!
जवान Jismo का गंदा खेल !! जवान जिस्मो का डर्टी खेल !! प्रबंधक के साथ पकड़ा चाची बेटी।इस वीडियो को देखें..........
उचित विधि एक लड़की स्तन मालिश
कैसे एक लड़की स्तन मालिश करने के लिए?आप यह पता होना चाहिए।उचित विधि एक लड़की स्तन मालिश.
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यहां पत्नीt शादी के बाद बनाती है अवैध संबंध!
एक शादीशुदा महिला का अपने पति के अलावा किसी गैर मर्द से
शारीरिक संबंध बना हमारे समाज में पाप माना जाता है। यही बात विवाहित पुरुषों पर
भी लागू होती है। लेकिन एक समाज ऐसा भी है, जहां लड़की शादी के बाद भी अपनी मर्जी से पति के अलावा भी
दूसरे पुरुष के साथ सेक्स का लुत्फ उठा सकती है।
इस समाज में पुरुषों को भी शादी के बाद दूसरी महिला के साथ
सेक्स संबंध बनाने की छूट है। हम बात कर रहे हैं पश्चिमोत्तर नामीबिया के
काओकोलैंड में निवासरत चरवाहे की एक जनजाति हिम्बा की।
हालांकि ऐसा नहीं है कि यहां के लोगों का शादी जैसी पवित्र
संस्था में विश्वास नहीं है, हिम्बा संस्कृति में शादी का महत्वपूर्ण स्थान है। लेकिन
हिम्बा जनजाति एक से अधिक यानि बहुविवाह को बढ़ावा देती है।
हिम्बा महिलाएं शादी के बाद भी एक से ज्यादा पुरुषों के साथ
सेक्स संबंध बना सकती हैं। सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि जनजाति के पुरुषों पर भी यह नियम लागू
होता है। यहां शादीशुदा और कुंवारी लड़कियों के बाल बनाने के तरीके बिलकुल अलग-अलग
हैं। इस वीडियो को देखें.........
कुछ दूसरे आदिवासी समाज की तरह हिम्बा के लोग भी गाय पर
निर्भर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, समूह में अगर किसी के पास गाय नहीं, तो उसे सम्मान की
नजरों से नहीं देखा जाता है।
उधर आर्थिक मामले की बात करें तो हिम्बा जनजाति में परिवार
का मुखिया पुरुष ही क्यों न हो, लेकिन आर्थिक फैसले लेने का हक सिर्फ महिलाओं को ही है।
दुनिया के विभिन्न इलाकों में बसे आदिवासियों के अपने नियम-कायदे हैं।
Thursday, August 27, 2015
सेक्स. से कैसी शर्म...!
सेक्स हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, इस बात को नकारा
नहीं जा सकता। इस बात की तस्दीक मनोवैज्ञानिक भी कर चुके हैं। देखा गया है कि
सेक्स की इच्छा को छुपाने या दबाने की जितनी कोशिश की जाती है, यह उतनी ही
तीव्रता से बलवती होती है। इसलिए सेक्स से कैसी शर्म...!
दरअसल, सेक्स से कई भ्रांतियां जुड़ी हुई हैं, इसीलिए अगर एक
स्वाभाविक जरूरत की तरह कोई लड़की इसकी मांग करे, तो भी शर्म की बात मानी जाती है। इसके अलावा
सेक्स संबंधों को लेकर लड़कियों के मन में यह बात डाल दी जाती है कि इसके लिए उनका
शरीर सुंदर और अनुपात में होना चाहिए। ऐसे में जब तक वे युवा होती हैं समझ चुकी
होती हैं कि उनका शरीर कैसा लगना चाहिए और जब उनका शरीर उससे मेल नहीं खाता, तो उन्हें
शर्मिंदगी का एहसास होने लगता है।इस वीडियो को देखें..............
क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक
उधर मनोवैज्ञानिक का कहना है कि सेक्स के प्रति शर्म
पति-पत्नी के बीच दूरियों की सबसे बढी वजह है। पत्नी कभी खुले मन से पति के निकट
जा नहीं पाती। फिर वे संबंध या तो मात्र औपचारिकता बन कर रह जाते हैं या मजबूरी, उनमें संतुष्टि
का अभाव होता है। यह शर्म ना सिर्फ औरत को यौन आनंद से वंचित रखती है, वरन प्यार, सामीप्य व
साहचार्य से भी दूर कर देती है।
इच्छाएं न छिपाएं...
यह सत्य है कि भारतीय समाज में महिलाओं की यौन इच्छा को
महत्व नहीं दिया जाता है। वे सेक्स को आनंद या जरूरत मानने के बजाय उसे विवाह की
अनिवार्यता व बच्चे पैदा करने का जरिया मान कर या तो एक दिनचर्या की तरह निभाती
हैं या फिर संकोच के चलते पति से दूर भागती हैं। उनकी रोमांस से जुडी शर्म की सबसे
बढ़ी वजह यही है कि बचपन से उन्हें बताया जाता है कि रोमांस एक वर्जित विषय है।
इसके बारे में उन्हें बात नहीं करनी चाहिए। ऐसे में शादी के बाद रोमांस के लिए पहल
करने की बात तो कोई लड़की सोच भी नहीं पाती। इसकी वजह वे सामाजिक स्थितियां भी हैं, जो लड़कियों की
परवरिश के दौरान यह बताती हैं कि रोमांस उनके लिए नहीं वरन पुरुष के एंज्वॉय करने
की चीज है, जबकि
संतुष्टिदायक संबंध तभी बन सकते हैं, जब पति-पत्नी दोनों की इसमें सक्रिय भागीदारी हो और वे
बेहिचक अपनी बात एक-दूसरे से कहें।
न करें शर्म
सेक्स का शर्म से कोई वास्ता नहीं है, क्योंकि
यह न तो कोई गंदी क्रिया है न ही पति-पत्नी के बीच वर्जित चीज। बेहतर होगा कि आप
दोनों ही सहज मन से अपने पार्टनर को अपनाते हुए सेक्स संबंधों का आनंद उठाए। इसे
वैवाहिक जीवन में तो मुधरता बनी ही रहेगी, साथ ही किसी तरह की कुंठा भी मन में नहीं पनपेगी
सेक्स के लिए ऐसे करें पार्टनर को तैयार...
सेक्स की चाहत हर महिला और पुरुष को होती
है। लेकिन महिला और पुरुष में फर्क इतना होता है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं
सेक्स के मामलों में थोडी शर्मिली होती हैं। इसलिए कई बार वे अपनी इच्छाओं को
जाहिर नहीं पाती हैं।
हालांकि शादीशुदा जोडों के लिए सेक्स प्यार
का दूसरा नाम है। इसलिए जरूरी है कि इसे प्यार के साथ किया जाए, लेकिन
कई बार पुरुष की चरम सीमा तक पहुंचने के लिए और सुख प्राप्त करने के लिए सेक्स की
क्रियाओं के दौरान ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। इसके आगे वो महिला की भावानाओं और
इच्छाओं की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन यह गलत है, पुरुषों
के ऐसे करने से महिलाएं उनसे दूर होने लगती हैं।
सेक्स
के प्रति महिला का रूझान बढाने के लिए जरूरी है कि पुरुष पहले सेक्स कि क्रियाओं
को शुरू न करके रोमांस को रोमांचकारी बनाए। इसके लिए पुरुष को पहले इस बात को
समझना होगा कि महिलाओं का शरीर हमेशा सेक्स के लिए एकदम से तैयार नहीं होता है।
इसलिए सेक्स की क्रियाओं की शुरुआत करने से पहले पुरुषों को थोड़ा रोमांटिक माहौल
बनाना चाहिए। इसकी शुरुआत पुरुष प्यार भरी बातों से कर सकते हैं। महिला इससे सेक्स
के लिए मानसिक तौर पर ही नहीं, बल्कि
दिल से भी तैयार हो जाएगी।
इसके अलावा सेक्स के प्रति रूझान के लिए
बेडरूम का माहौल रोमांटिक बनाएं। परफ्यूम लगाएं, कैंडल्स
जलाएं। इसका भी अच्छा प्रभाव पडुता है। और एक बार मूड बन जाए तो फिर आप सेक्स का
भरपूर आनंद उठा सकते हैं।
महिलाओं को खुद में सेक्स के प्रति रूचि
जगाने के लिए सेक्स के विषय में सोचना चाहिए। रोमांटिक दृश्य देखने चाहिए, कुछ
सेक्सी कपडे़ भी पहनने चाहिए। इससे भी सेक्स के प्रति चाह जागेगी।इस वीडियो को देखने जानने के लिए ................
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे तीव्र छूत कामोत्ताप और clit कामोत्ताप एक लड़की उंगली और को देने के लिए।इस वीडियो को देखें.........
Wednesday, August 26, 2015
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे तीव्र छूत कामोत्ताप और clit कामोत्ताप एक लड़की उंगली और को देने के लिए।इस वीडियो को देखें.........
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे
कैसे एक महिला संभोग सुख कैसे बनाने के लिए उसे तीव्र छूत कामोत्ताप और clit कामोत्ताप एक लड़की उंगली और को देने के लिए।इस वीडियो को देखें.........
सेक्स. से कैसी शर्म...!
सेक्स हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, इस बात को नकारा
नहीं जा सकता। इस बात की तस्दीक मनोवैज्ञानिक भी कर चुके हैं। देखा गया है कि
सेक्स की इच्छा को छुपाने या दबाने की जितनी कोशिश की जाती है, यह उतनी ही
तीव्रता से बलवती होती है। इसलिए सेक्स से कैसी शर्म...!
दरअसल, सेक्स से कई भ्रांतियां जुड़ी हुई हैं, इसीलिए अगर एक
स्वाभाविक जरूरत की तरह कोई लड़की इसकी मांग करे, तो भी शर्म की बात मानी जाती है। इसके अलावा
सेक्स संबंधों को लेकर लड़कियों के मन में यह बात डाल दी जाती है कि इसके लिए उनका
शरीर सुंदर और अनुपात में होना चाहिए। ऐसे में जब तक वे युवा होती हैं समझ चुकी
होती हैं कि उनका शरीर कैसा लगना चाहिए और जब उनका शरीर उससे मेल नहीं खाता, तो उन्हें
शर्मिंदगी का एहसास होने लगता है।इस वीडियो को देखें..............
क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक
उधर मनोवैज्ञानिक का कहना है कि सेक्स के प्रति शर्म
पति-पत्नी के बीच दूरियों की सबसे बढी वजह है। पत्नी कभी खुले मन से पति के निकट
जा नहीं पाती। फिर वे संबंध या तो मात्र औपचारिकता बन कर रह जाते हैं या मजबूरी, उनमें संतुष्टि
का अभाव होता है। यह शर्म ना सिर्फ औरत को यौन आनंद से वंचित रखती है, वरन प्यार, सामीप्य व
साहचार्य से भी दूर कर देती है।
इच्छाएं न छिपाएं...
यह सत्य है कि भारतीय समाज में महिलाओं की यौन इच्छा को
महत्व नहीं दिया जाता है। वे सेक्स को आनंद या जरूरत मानने के बजाय उसे विवाह की
अनिवार्यता व बच्चे पैदा करने का जरिया मान कर या तो एक दिनचर्या की तरह निभाती
हैं या फिर संकोच के चलते पति से दूर भागती हैं। उनकी रोमांस से जुडी शर्म की सबसे
बढ़ी वजह यही है कि बचपन से उन्हें बताया जाता है कि रोमांस एक वर्जित विषय है।
इसके बारे में उन्हें बात नहीं करनी चाहिए। ऐसे में शादी के बाद रोमांस के लिए पहल
करने की बात तो कोई लड़की सोच भी नहीं पाती। इसकी वजह वे सामाजिक स्थितियां भी हैं, जो लड़कियों की
परवरिश के दौरान यह बताती हैं कि रोमांस उनके लिए नहीं वरन पुरुष के एंज्वॉय करने
की चीज है, जबकि
संतुष्टिदायक संबंध तभी बन सकते हैं, जब पति-पत्नी दोनों की इसमें सक्रिय भागीदारी हो और वे
बेहिचक अपनी बात एक-दूसरे से कहें।
न करें शर्म
सेक्स का शर्म से कोई वास्ता नहीं है, क्योंकि
यह न तो कोई गंदी क्रिया है न ही पति-पत्नी के बीच वर्जित चीज। बेहतर होगा कि आप
दोनों ही सहज मन से अपने पार्टनर को अपनाते हुए सेक्स संबंधों का आनंद उठाए। इसे
वैवाहिक जीवन में तो मुधरता बनी ही रहेगी, साथ ही किसी तरह की कुंठा भी मन में नहीं पनपेगी
Tuesday, August 25, 2015
सेक्स. से कैसी शर्म...!
सेक्स हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, इस बात को नकारा
नहीं जा सकता। इस बात की तस्दीक मनोवैज्ञानिक भी कर चुके हैं। देखा गया है कि
सेक्स की इच्छा को छुपाने या दबाने की जितनी कोशिश की जाती है, यह उतनी ही
तीव्रता से बलवती होती है। इसलिए सेक्स से कैसी शर्म...!
दरअसल, सेक्स से कई भ्रांतियां जुड़ी हुई हैं, इसीलिए अगर एक
स्वाभाविक जरूरत की तरह कोई लड़की इसकी मांग करे, तो भी शर्म की बात मानी जाती है। इसके अलावा
सेक्स संबंधों को लेकर लड़कियों के मन में यह बात डाल दी जाती है कि इसके लिए उनका
शरीर सुंदर और अनुपात में होना चाहिए। ऐसे में जब तक वे युवा होती हैं समझ चुकी
होती हैं कि उनका शरीर कैसा लगना चाहिए और जब उनका शरीर उससे मेल नहीं खाता, तो उन्हें
शर्मिंदगी का एहसास होने लगता है।इस वीडियो को देखें..............
क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक
उधर मनोवैज्ञानिक का कहना है कि सेक्स के प्रति शर्म
पति-पत्नी के बीच दूरियों की सबसे बढी वजह है। पत्नी कभी खुले मन से पति के निकट
जा नहीं पाती। फिर वे संबंध या तो मात्र औपचारिकता बन कर रह जाते हैं या मजबूरी, उनमें संतुष्टि
का अभाव होता है। यह शर्म ना सिर्फ औरत को यौन आनंद से वंचित रखती है, वरन प्यार, सामीप्य व
साहचार्य से भी दूर कर देती है।
इच्छाएं न छिपाएं...
यह सत्य है कि भारतीय समाज में महिलाओं की यौन इच्छा को
महत्व नहीं दिया जाता है। वे सेक्स को आनंद या जरूरत मानने के बजाय उसे विवाह की
अनिवार्यता व बच्चे पैदा करने का जरिया मान कर या तो एक दिनचर्या की तरह निभाती
हैं या फिर संकोच के चलते पति से दूर भागती हैं। उनकी रोमांस से जुडी शर्म की सबसे
बढ़ी वजह यही है कि बचपन से उन्हें बताया जाता है कि रोमांस एक वर्जित विषय है।
इसके बारे में उन्हें बात नहीं करनी चाहिए। ऐसे में शादी के बाद रोमांस के लिए पहल
करने की बात तो कोई लड़की सोच भी नहीं पाती। इसकी वजह वे सामाजिक स्थितियां भी हैं, जो लड़कियों की
परवरिश के दौरान यह बताती हैं कि रोमांस उनके लिए नहीं वरन पुरुष के एंज्वॉय करने
की चीज है, जबकि
संतुष्टिदायक संबंध तभी बन सकते हैं, जब पति-पत्नी दोनों की इसमें सक्रिय भागीदारी हो और वे
बेहिचक अपनी बात एक-दूसरे से कहें।
न करें शर्म
सेक्स का शर्म से कोई वास्ता नहीं है, क्योंकि
यह न तो कोई गंदी क्रिया है न ही पति-पत्नी के बीच वर्जित चीज। बेहतर होगा कि आप
दोनों ही सहज मन से अपने पार्टनर को अपनाते हुए सेक्स संबंधों का आनंद उठाए। इसे
वैवाहिक जीवन में तो मुधरता बनी ही रहेगी, साथ ही किसी तरह की कुंठा भी मन में नहीं पनपेगी
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